FIRST INDIAN WOMAN TO CLIMB MOUNT EVEREST

MOUNT EVEREST
MOUNT EVEREST

MOUNT EVEREST पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला

आज हम बात करेंगे उस महिला के बारे में जो अपने हौसले से MOUNT EVEREST की चढ़ाई करके भारत की पहली MOUNT EVEREST पर चढ़ने वाली पहली महिला का खिताब भी उन्ही के नाम है ! वह विश्व की पांचवी MOUNT EVEREST पर चढ़ने वाली महिला भी हैं !

आज हम सभी 21 वी सदी में जी रहे हैं ! जिसे कि एक आधुनिक युग भी कहते है ! जिसमे हम अपनी बातों और अपने विचारों को किसी के भी सामने रख सकते हैं ! आज इस युग में महिलाओं को पुरुषों के बराबर ही अधिकार प्राप्त हैं !

आज स्त्रियां किसी भी मामले में पुरुषों से काम नहीं हैं बल्कि आज वह उनके कंधे से कन्धा मिलकर चल रही हैं ! अगर हम यह कहे की आज की महिलाये पुरुषों से भी आगे निकल रही हैं तो यह गलत नहीं होगा !

आज हम आपको एक ऐसी ही महिला के बारे में जानकारी देंगे जिसने अपनी हिम्मत और हौसले से पूरी दुनिया को नारी शक्ति की मिसाल दी हम बात कर रहे हैं बछेंद्री पाल की !

बछेंद्री पाल के बारे में :-

बछेंद्री पाल का जन्म उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी जिले के एक गांव नकुरी में 24 मई 1954 को हुआ था ! बछेंद्री बचपन से ही काफी साहसी थी ! उन्हें बचपन से ही गढ़वाल के हिमालय में घूमने में काफी आनंद मिलता था !

वह अपने आप में मस्त रहने वाली और दिन में सपने देखने वाली लड़की थी ! बछेंद्री पाल के पिता का नाम किशन सिंह पाल और उनकी माँ का नाम हंसा देवी है ! उनके पिता बॉर्डर पर व्यापर करते थे !

राष्ट्रिय युवा दिवस

Weekend Trip Destination

वह भारत से आटा, दाल, चावल जैसी चीजे घोड़ो पर लादकर तिब्बत ले जाय करते और उन चीजों को वहां बेचा करते ! धीरे – धीरे उनके पिता उत्तरकाशी में बस गए और वहीं पर उन्होंने हंसा देवी से शादी भी की ! उनके पांच बच्चों में बछेंद्री पाल बीच की संतान थी !

बचपन से ही उनका स्वभाव सभी बच्चों से अलग था ! वह अपनी हवाई यात्रा के सपने और काल्पनिक किस्से सुनाकर अपने परिवार का मनोरंजन किया करती थी !वह अपने सपनो में भी कई महान लोगो से मुलाकात करती रहती थी ! वह निडर और आत्मनिर्भर रहना पसंद करती थी !

शिक्षा :-

काफी मेहनत और संघर्ष के बाद उन्होंने अपनी शिक्षा हासिल की क्योंकि जब वह केवल 13 वर्ष की थी तो उन्हें दूसरी लड़कियों की तरह स्कूल छोड़कर घर का काम सीखने के लिए कहा गया और उनका स्कूल जाना भी बंद करवा दिया गया !

इसके बावजूद भी वह रात – रात भर जागकर पढाई करती ! उनकी इस मेहनत और शिक्षा के प्रति झुकाव को देखकर उनके घरवालों को अपनी गलती का एहसास हुआ कि उन्होंने उनकी पढ़ाई छुड़वाकर गलत किया !

शिक्षा के प्रति उनकी लगन को देखकर उनके घरवालों ने उनकी स्कूली शिक्षा पूरी कराने का फैसला किया ! इसी दौरान उन्होंने अपनी मेहनत से कमाई का जरिया भी बना लिया ! वह खाली समय में कपड़े सिल कर अपना खर्च चलाने लगी !

बछेंद्री पाल की इस मेहनत और लगन को देखकर स्कूल की Head Master ने उनके परिवार से आगे भी उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए कहा ! इसी वजह से उनके परिवार ने उन्हें B.A की पढ़ाई के लिए उनका Admission Collage में करा दिया !

उनकी B.A  की पढ़ाई पूरी होने के बाद उनके माता – पिता को उन पर बहुत गर्व हुआ क्योंकि बछेंद्री ही अपने गांव में इतनी ऊंची Degree हासिल करने वाली पहली लड़की थी ! B.A के बाद उन्होंने संस्कृत से  M.A किया और उसके बाद  उन्होंने B.ED की Degree भी हासिल की !

Climb Mount Everest :-

बछेंद्री पाल को पहाड़ों पर चढ़ाई का पहला मौका तब मिला जब 12 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने सहपाठियों के Group के साथ 4000 Meter की चढ़ाई की ! उस समय इस चढ़ाई से उनका मकसद अपने सहपाठियों के साथ सिर्फ पिकनिक मानाने का था ! gkwebsite.com

जब उनकी इतनी पढ़ाई के बाद भी उन्हें कहीं भी नौकरी नहीं मिली तब उन्होंने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में अपने दाखिले के लिए Apply किया ! उन्हें इस पाठ्यक्रम के लिए सर्वश्रेष्ठ क्षात्रा माना गया !

बछेंद्री को उस वक्त आश्चर्य हुआ जब उन्हें यह बताया गया कि वह MOUNT EVEREST पर जा सकने में सक्षम हैं और वह चढ़ाई कर सकती हैं ! उनके Leader Brigadier Gyan Singh थे ! जिन्होंने  National Adventure Club बनाया था !

जहां बछेंद्री पाल को पर्वतारोहण प्रशिक्षण का कार्य मिल गया ! उस वक्त तक भी उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था ! भारत का चौथा पर्वतारोहण 1984 में जाना तय हुआ था ! इस पर्वतारोही टीम में 7 महिलायें और 11 पुरुषों को चुना गया जिसमे से बछेंद्री पाल भी एक थी !

बछेंद्री पाल अपने रास्ते की कठिनाइयों और बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ती रही ! पर्वत की फिसलन, चट्टानों का खिसकना यह सभी बाधाएं उनके सामने आई लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी !

मुश्किलों का सामना करते हुए वह चढ़ती रही और आखिर में उन्हें कामयाबी मिली ! 23 मई 1984 को बछेंद्री पाल ने 8848 Meter की चढ़ाई करके MOUNT EVEREST पर भारतीय जीत का झंडा फहराया ! बछेंद्री पाल MOUNT EVEREST पर पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी !

हासिल है कई उपलब्धियां :-

इसके आलावा बछेंद्री पाल को और भी कई उपलब्धियां प्राप्त हैं ! जैसे :- 1990 में Guinness Book Of World Record में शामिल होना, 1985 में पद्मश्री, 1986 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जाना ! इसी तरह उन्हें और भी ढेरों उपलब्धियां से नवाजा जा चुका है !

बछेंद्री पाल ने एक पुस्तक भी लिखी है जिसका नाम है :- EVEREST MY JOURNEY TO THE TOP !

आज के समय में बछेंद्री पाल TATA STEEL ADVENTURE FOUNDATION में कार्यरत है !

असफलता का कारण

( अभी आप ये जानकारी gkwebsite.com पर पढ़ रहे है ! )

दोस्तों ये पोस्ट आपको कैसे लगी । हमें अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में दे ।

Fields marked with an * are required

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *