विश्व महिला दिवस (International Women’s Day)

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International Women’s Day

दोस्तों एक औरत के बिना घर, घर नहीं बल्कि मकान होता है ! महिला दिवस (International women’s Day) उन सभी महिलाओं को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है | जिनके बिना आपका जीवन अधूरा है | घर नहीं बल्कि मकान होता है ! महिला दिवस (International women’s Day) उन सभी महिलाओं को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है | जिनके बिना आपका जीवन अधूरा है, या फिर जिनके बिना आप अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते | वह औरत आपकी माँ, पत्नी, बहन, बेटी कोई भी हो सकती है |

Friends, without a woman there is a house, not a house, but a house! Women’s Day is celebrated to honor all those women. Without whom your life is incomplete. It is not a house but a house! Women’s Day is celebrated to honor all those women. Without whom your life is incomplete, or without which you cannot even imagine your life. That woman can be your mother, wife, sister, daughter.

महिला दिवस (International women’s Day) 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है :- (Why is Women’s Day celebrated only on 8 March?)

यह तो आप सभी को पता ही होगा की हर साल 8 मार्च को महिला दिवस (International women’s Day) मनाया जाता है | कलारा जेटकिन ने महिला दिवस (Women’s Day) मनाने के लिए कोई भी तारीख तय नहीं की थी | 1917 में युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने खाना और शांति की मांग की थी | इन महिलाओं की हड़ताल ने वहां के सम्राट नितोलस को अपना पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था , और वहां की अंतरिम सरकार ने महिलाओं को मतदान का अधिकार भी दिया | उस समय रूस में जूलियन कैलेंडर का प्रयोग होता था , जिस दिन महिलाओं ने यह हड़ताल शुरू की थी वह 23 फरवरी की तारीख थी | ग्रेगेरियन कैलेंडर में ये दिन 8 मार्च था और उसी के बाद से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International women’s Day) मनाया जाने लगा |

You all will know that Women’s Day is celebrated every year on 8 March. klara zetkin did not set any date to celebrate Women’s Day. During the war in 1917, Russian women demanded food and peace. The strike of these women forced the emperor Nitolas to leave his post, and the interim government there also gave women the right to vote. At that time, the Julian calendar was used in Russia, the day the women started this strike was the date of 23 February. In the Gregorian calendar, this day was 8 March and since then International Women’s Day was celebrated.

FIRST INDIAN WOMAN TO CLIMB MOUNT EVEREST

महिला दिवस (International women’s Day) की शुरुआत कैसे हुई :- (How did Women’s Day begin?)

महिला दिवस एक मज़दूर आंदोलन से शुरू हुआ था | इसकी शुरुआत 1908 में हुई थी | जब 15000 औरतो ने मिलकर न्यूयोर्क विंग शहर में मार्च निकालकर नौकरी में कम घंटे की मांग की थी | इसके अलावा भी उनकी मांगे थी कि उन्हें बेहतर वेतन दिया जाये और उन्हें मतदान करने का भी अधिकार दिया जाए | इसके एक साल बाद सोशलिस्ट पार्टी अमेरिका ने पहला राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया |

Women’s day started with a labor movement. It started in 1908. When 15,000 women came together to march in the city of New York Wing and demanded less hours in the job. Apart from this, he had demanded that he should be given better salary and he should also be given the right to vote. A year later, the Socialist Party of America declared the first National Women’s Day.

 

यह कैसे बना :- (How did this become International Women’s Day?)

राष्ट्रीय महिला दिवस को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बनाने का विचार भी एक महिला को ही आया था | जिनका नाम था कलारा जेटकिन | कलारा जेटकिन ने १९१० में कोपेहेगेन की कामकाजी औरतो की एक international कांफ्रेंस के दौरान अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का सुझाव दिया | उस वक़्त कांफ्रेंस में 17 देशों की १०० औरतें मौजूद थी | उन सभी ने मिल कर इस सुझाव का समर्थन किया |

The idea of making National Women’s Day as International Women’s Day also came to a woman. Whose name was Clara Zetkin | Clara Zetkin suggested celebrating International Women’s Day during an international conference of working women of Copenhagen in 1910. At that time, 100 women from 17 countries were present in the conference. All of them together supported this suggestion.

यह पहले कहां मनाया गया ? (Where was International Women’s Day first celebrated?)

साल 1911 में ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड में सबसे पहले यह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International women’s Day) मनाया गया था |

International Women’s Day was first celebrated in 1911 in Australia, Denmark, Germany and Switzerland.

आधिकारिक मान्यता कब मिली ? (When did Women’s Day get official recognition?)

1975 में महिला दिवस (International women’s Day) को आधिकारिक मान्यता उस वक़्त मिली जब संयुक्त राष्ट्र ने इसे वार्षिक तौर पर एक थीम के साथ मनाना शुरू किया | अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पहली थीम थी celebrating the pass planing for their future !

Women’s Day gained official recognition in 1975 when the United Nations began celebrating it annually with a theme. The first theme of International Women’s Day was celebrating the pass planing for their future!

विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रंशसा और प्यार प्रकट करते हुए international women day महिलाओं के आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक उपलब्धियो के तौर पर मनाया जाता है | महिलाओं ने हमेशा एक श्रमिक के रूप में, माँ के रूप में और एक अच्छे नागरिक के रूप में, अपने अद्भुत साहस, परिश्रम तथा दूरदर्शी बुद्धिमत्ता के आधार पर विश्व में अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही है |

Expressing respect, admiration and love for women in various regions of the world, international women day is celebrated as the economic, political and social achievements of women. Women have always managed to make a mark in the world as a laborer, as a mother and as a good citizen, based on their amazing courage, hard work and visionary intelligence.

चाहे देश की सुरक्षा हो, विज्ञान हो, खेल हो, राजनीति हो, समाज हो या अपने देश के प्रति आर्थिक योगदान हो | हर क्षेत्र में नारी ने अपना अपना योगदान दिया है | चाहे देश की बेटी टेसी थॉमसन हो जिन्होंने 5000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाला अग्नि-5 का सफल परिक्षण करके विश्व मानचित्र पर भारत का नाम रोशन किया है |

Whether it is the security of the country, science, sports, politics, society or economic contribution towards our country. Women have contributed in every field. Whether it is the daughter of the country, Tessie Thomson, who has successfully illuminated India’s name on the world map after successfully testing Agni-5 with a firepower of 5000 km.

हमारे देश में ऐसे अनगिनत नाम है जिन्होंने हमारे देश का नाम रोशन किया है, और हमें उन सभी पर गर्व है |

नारी गौरव है, अभिमान है,
नारी ने ही रचा इतिहास है
हमारा नतमस्तक, इन्हे प्रणाम है ||

There are countless names in our country that have made our country famous, and we are proud of all of them.

Woman is pride, pride,
Woman is history
Our bowel, he salutes them.

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