सूचना का अधिकार (RTI) क्या है ?

RIGHT TO INFORMATION
RIGHT TO INFORMATION

सूचना का अधिकार (RIGHT TO INFORMATION) 

भारत में रहने वाले ज्यादातर नागरिको को अपने क़ानूनी अधिकार के बारे में पता ही नही होता, जिसकी वजह से वह धोखेबाजी और भ्रष्टाचार का शिकार बन जाते है! ऐसे ही क़ानूनी अधिकार में से एक है सूचना का अधिकार (RTI) ! जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता !

सूचना का अधिकार (RTI) एक्ट को 2005 में लागू किया गया था ! इसे RIGHT TO INFORMATION भी कहते है और इसे सूचना का अधिकार (RTI) 2005 के नाम से भी जाना जाता है !

सूचना का अधिकार (RTI) वह अधिकार है जिसमे हर भारतीय व्यक्ति को यह अधिकार दिया गया है !

वह किसी भी सकरारी विभाग या किसी भी डिपार्टमेंट से जानकारी मांग सकता है!

सूचना के अधिकार (RTI) के अंतर्गत मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के भी ऑफिस आते है !

चुनाव आयोग, सरकारी दफ्तर,सभी सरकारी बैंक, भारत की सभी अदालते, पुलिस, सरकारी अस्पताल, वायु-जल और थल सेना भी सूचना के अधिकार (RTI) के अंतर्गतआते है !

सरकारी बीमा कम्पनी, सरकारी फोन कम्पनी, पी. एस. ओ (P.S.O), और सभी तरह के एन. जी.ओ (N.G.O), यह सभी सूचना का अधिकार (RTI) एक्ट के अन्दर आते है !

आपको किसी भी विभाग के बारे में कुछ भी जानकारी चाहिए तो आप वह जानकारी ले सकते है और उस विभाग को आपके द्वारा दी गई आर टी आई (RIGHT TO INFORMATION) एप्लीकेशन का जबाब 30 दिनों के अंदर देना होगा !

किसी भी सरकारी विभाग में लोक सूचना अधिकारी बनाये गए है जो कि लोगो द्वारा किये गए आवेदन में मांगी गयी जानकारी उन्हें देते है, यदि सूचना अधिकारी आपका आवेदन लेने से मना करता है !

आपको जानकारी देने से मना करता है या आपको कोई भी गलत जानकारी देता है, तो उस पर 250 रुपए से लेकर 25,000 रुपए तक का जुर्माना भी लग सकता है !

अगर सूचना अधिकारी आपको परेशान करता है या आपको कोई जानकारी नही देता तो आप उसकी शिकायत सूचना आयोग से भी कर सकते है !

सूचना का अधिकार (RTI) हर भारतीय व्यक्ति को मजबूत बनाता है कि वह किसी भी विभाग से जानकारी हासिल कर उस जानकारी का सही इस्तेमाल करके शासन में जबाब देही ला सके !

यह भ्रष्टचार के खिलाफ लड़ने का एक बहुत बड़ा क़ानूनी अधिकार है जो की हम सभी भारतीय नागरिको को दिया गया है !

पिछले कुछ वक्त में सूचना का अधिकार (RTI) के जरिये बहुत से लोगों ने इस अधिकार का इस्तेमाल करके काफी सारे घोटालों को बेनकाब भी किया है !

आर टी आई (RIGHT TO INFORMATION) से सम्बंधित आपके कुछ अधिकार हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए !

आर टी आई (RIGHT TO INFORMATION) से सम्बंधित आपके अधिकार :-

1. अगर लोक सूचना अधिकारी आपका आवेदन न ले, तो आप उसके सीनियर (Senior) से उसकी शिकायत कर सकते हैं !

2. आपकी शिकायत सही होने पर उस अधिकारी पर जुर्माना लगाया जाएगा जो उसके वेतन में से कटेगा !

3. उस अधिकारी पर जुर्माना होने पर भी वह आपको सूचना देने से मना नहीं कर सकता !

4. लोक सूचना अधिकारी आपसे सूचना मांगने का कारण नहीं पूंछ सकता !

5. कोई भी लोक सूचना अधिकारी यह कहकर कि यह सूचना उसके विभाग से सम्बंधित नहीं है आपसे मना नहीं कर सकता !

अगर उसे ऐसा लगता है कि वह सूचना उसके विभाग से सम्बंधित नहीं है तो वह उस सूचना को सूचना संबंधी विभाग को भेजेगा और आपको इसके बारे में सूचित करेगा !

6. लोक सूचना अधिकारी आपको कुछ मामलों में सूचना देने से मना कर सकतें हैं, जिनकी सूचि धारा 8 में दी गयी है !

यदि मांगी गयी सूचना जनहित में है तो धारा 8 में मना की गयी सूचना भी दी जा सकती है !

7. जिला सूचना को विधानसभा या संसद को देने से मना नहीं किया जा सकता, उस सूचना को आम आदमी को देने से भी मना नहीं किया जा सकता !

8. यदि आवेदक सूचना अधिकारी से मिली जानकारी से संतुष्ट नहीं है तो वह 30 दिनों में उच्च अधिकारी से अपील कर सकता है !

9. यदि इसके बाद भी आवेदक इस कार्रवाही से खुश नहीं है तो 60 दिनों में केंद्रीय या सूचना आयोग से अपील कर सकता है !

यह कुछ आर टी आई (RIGHT TO INFORMATION) से संबंधित जानकारी है जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए !

यदि भविष्य में कभी भी आपको जनहित में किसी भी विभाग से सूचना की जरूरत पड़ती है !

आप अपने अधिकार का इस्तेमाल कर सकतें हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई लड़ सकते हैं !

यह तो हमने आपको सूचना के अधिकार के बारे में बता दिया, लेकिन क्या आपको संविधान की तरफ से दिए गए हमारे कानूनी अधिकारों के बारे में पता है ?

अधिकतर लोगों को इन अधिकारों के बारे में पता ही नहीं होता और वह धोखेबाजी और भ्रष्टाचार का शिकार हो जाते है !

आपको इन अधिकारों के बारे में पता होना चाहिए जिससे कि आप धोखेबाजी और भ्रष्टाचार से अपने आपको बचा सकें !

संविधान की तरफ से दिए गए कानूनी अधिकार :-

1.  भारतीय सरकार द्वारा बनाया गया एक क़ानून यह भी है कि अगर आप किसी भी कंपनी द्वारा दिए गए तोहफे को लेते है !

कोई भी व्यक्ति आप पर रिश्वत लेने का मुकदमा चला सकता है | यह कानून वर्ष 2010 में बनाया गया था |

2. शायद आपको यह नही पता होगा कि यदि आपके सिलेंडर में विस्फोट होता है तो आप गैस कंपनी से जान और माल के नुकसान का मुआवजा मांग सकतें हैं !

इसके लिए आपको चालीस लाख रूपये मिलते हैं ! यह हर व्यक्ति का क़ानूनी अधिकार है |

3.  भारत में केवल महिला पुलिस अधिकारी ही महिलाओ को गिरफ्तार कर सकती है |

अगर किसी महिला को पुरुष अधिकारी गिरफ्तार करता है तो ऐसे अधिकारी पर क़ानूनी कार्यवाही की जा सकती है |

4.  यदि किसी भी महिला को रात के 6 बजे से लेकर सुबह 6 बजे के बीच पुलिस स्टेशन बुलाया जाता है !

उस महिला को अधिकार है कि वह पुलिस स्टेशन जाने से मना कर सकती है |

5. इनकम टैक्स ऑफिसर (Income tax officer) के पास यह अधिकार है कि वह आपको गिरफ्तार कर सकता है |

अगर आपने टैक्स नही दिया है तो टैक्स रिकवरी ऑर्गेनाइजेशन (T.R.O) के पास आपको गिरफ्तार करने का अधिकार होता है !

उनकी मर्जी से ही आप जेल से बाहर आ सकते है, इस नियम का उल्लेख 1965 इनकम टैक्स एक्ट में भी किया गया है |

लेकिन गिरफ्तार करने से पहले उन्हें आपको नोटिस देना होगा !

6.   साइकल चलाने वालों पर कोई भी मोटर व्हीकल एक्ट लागू नही होता, जो व्यक्ति साइकल या रिक्शा चलाते है !

उन्हें मोटर व्हीकल एक्ट की चिंता करने की कोई जरूरत नही है |

7.  जो महिलाये पुलिस स्टेशन आकर अपनी शिकायत नही देना चाहती है ! वह ई-मेल के जरिये भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है |

8. लिव इन रिलेशनशिप में यदि किसी बच्चे का जन्म होता है तो उस बच्चे का कानूनी तौर पर अपने माता-पिता की प्रॉपर्टी में पूरा अधिकार होगा !

9. चुनाव के समय यदि कोई राजनितिक दल आपसे वाहन किराये पर लेना चाहता है तो वह आपसे आपका वाहन किराये पर ले सकते है |

10. यदि आप पर दिन में एक बार ट्रैफिक नियमों का उलंघन करने पर जुर्माना लग गया है तो फिर पूरे दिन दुबारा आप पर कोई जुर्माना नही लगेगा!

लेकिन यह सिर्फ एक नियम का उलंघन करने पर ही होगा यदि आप पर एक नियम का उलंघन करने पर जुर्माना लग गया है !

फिर आप पर दुबारा उसी नियम का उलंघन करने पर कोई जुर्माना नही लगेगा |

11. आपके पास किसी भी वस्तु की अधिकतम खुदरा मूल्य से कम कीमत देने का भी अधिकार होता है |

12.   यदि कोई भी व्यक्ति आपसे पैसे लेकर या आपसे काम लेकर आपका भुगतान नही करता !

आप उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा सकते है | यह आपका क़ानूनी अधिकार होता है |

13.   पुलिस हेड कांस्टेबल किसी भी ऐसे अपराध के लिए आपको दंड नही दे सकता जिसका जुर्माना 100 रुपए से कम हो |

14.   1861 में बने पुलिस एक्ट के अनुसार हर पुलिस अधिकारी हमेशा ड्यूटी पर रहेगा |

यदि आधी रात को भी किसी भी जगह पर कोई अपराध या घटना होती है तो उसे आना पड़ेगा |

उसे यह कहने का अधिकार नही है की  वह ड्यूटी पर नही है | पुलिस एक्ट के अनुसार एक पुलिसवाला हमेशा ड्यूटी पर रहता है बिना वर्दी के भी |

15.   एक कानून यह भी है की यदि आप हिन्दू धर्म से है और आपके पहले से एक बच्चा है तो आप किसी बच्चे को गोद नही ले सकते !

यदि आपका कोई बच्चा नही है तो ऐसे में आप बच्चा गोद ले सकते है लेकिन इस पर भी एक नियम है !

जिस बच्चे को आप गोद लेना चाहते है उसकी और आपकी उम्र में कम से कम 21 वर्ष का अंतर होना चाहिए |

16.   कोई भी कम्पनी किसी भी गर्भवती महिला को नौकरी से नही निकाल सकती ! यदि ऐसा किया जाता है तो अधिकतम तीन साल की सजा हो सकती है |

17.   पागलपन, लाईलाज बीमारी , बैराग्य लेने, बिना बताये घर छोड़कर जाना या सात साल तक कोई सूचना न होने के आधार पर भी तलाक की अर्जी दाखिल की जा सकती है |

18.   मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 के तहत वाहन चालको को हेलमेट लगाने का प्रावधान है तथा मोटर वाहन अधिनियम धारा 128 के तहत बाइक या स्कूटर पर दो व्यक्तियों के बैठने का प्रावधान है |

अगर कोई ट्रफिक पुलिस आपकी गाड़ी या मोटर बाइक से चाबी निकालता है तो यह गैरकानूनी है |

यदि इस आधार पर आप चाहे तो उस कांस्टेबल या अधिकारी के खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही भी कर सकते है |

19.   यदि आप सार्वजानिक जगहों पर अश्लील गतिविधि करते हुए पकड़े जाते है तो आपको तीन महीने तक की सजा भी हो सकती है |

20.   अगर आप दिल्ली में रह रहे है तो आपका मकान मालिक आपको बिना नोटिस दिए जबरन मकान खाली नही करा सकता |

( अभी आप ये जानकारी gkwebsite.com पर पढ़ रहे है ! )

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