एटीएम का अविष्कार किसने किया (Who invented ATM?)

John Shepherd Baron
John Shepherd Baron

एटीएम का अविष्कार किसने किया (Who invented ATM) :-

एटीएम का पूरा नाम ऑटोमेटेड टेलर मशीन (Automated Teller Machine) है ! लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि पैसे निकालने का इतना आसान और सरल तरीका आखिर हमारे लिए किसने बनाया होगा और उनके दिमाग में इस मशीन (Machine) को बनाने का ख्याल (Idea) कैसे आया होगा ? आज हम आपको इसी के बारे में कुछ जानकारी देने जा रहे है कि आखिर एटीएम का अविष्कार किसने किया और उन्होंने इसे क्यों बनाया ?

जब भी कभी हमें पैसों की जरूरत होती है तो हम अपना एटीएम कार्ड (ATM Card) लेकर सीधे एटीएम (ATM)  के पास जाते हैं और कुछ ही सेकंड में पैसे हमारे हाथ में होते हैं !

हमें ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) करनी हो या बाजार (Market) से कुछ भी सामान खरीदना हो अगर जेब (Pocket) में एटीएम कार्ड (ATM Card) है तो सब कुछ बहुत आसान (Easy) हो जाता है ! आज शहर से लेकर गाँव तक में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति बचा हो जिसने एटीएम (ATM) का इस्तेमाल (Use) न किया हो !

एटीएम (ATM) का आविष्कार (Invented) जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) ने किया था ! जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) का जन्म 23 जून 1925 को भारत (India) में मेघालय (Meghalaya) के शिलांग (Shillong) में हुआ था ! उनके पिता का नाम विल्फ्रेड शेफर्ड बैरन (Wilfred Shepherd Baron) और उनकी माँ का नाम डोरोथी शेफर्ड बैरन (Dorothy Shepherd Baron) था !

कहाँ हुआ था जन्म :-

जिस समय जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) का जन्म हुआ उस समय उनके पिता उत्तर बंगाल (North Bengal) में चिटगांव पोर्ट कमिश्नर (Chittagong Port Commissioner) के यहां चीफ इंजीनियर (chief engineer) थे ! उनकी माँ डोरोथी शेफर्ड बैरन (Dorothy Shepherd Baron) एक अच्छी ओलिंपिक (Olympic) टेनिस प्लेयर (Tennis Player) थी !

जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) ने अपनी पढाई यूरोप (Europe) के यूनिवर्सिटी ऑफ एडिन बर्ग (University of Edin Berg) ) और ट्रिनिटी कॉलेज (Trinity College), कैम्ब्रिज (Cambridge) से पूरी की थी !

सन 1950 में उन्होंने डेलॉरे (Delaure ) नाम की कंपनी (Company) में काम किया ! जिसमे नोट प्रिंटिंग का काम होता था ! आगे चलकर उन्होंने उस कंपनी (Company) के मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) के पद पर भी काम किया !

कैसे आया एटीएम बनाने का ख्याल :-

एक समय की बात है उन्हें अपना चैक कैश (Check Cash) करने के लिए बैंक (Bank) जाना था ! उस समय वहां के लोकल बैंक (Local Bank) सिर्फ शनिवार (Saturday) को ही चैक कैश (Check Cash) कराने का काम करते थे लेकिन किसी जरूरी काम की वजह से जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) बैंक (Bank) के लिए लेट (Late) हो गए !

वह बैंक (Bank) एक मिनट की देरी से पहुंचे लेकिन तब तक बैंक (Bank) बंद हो चुका था जिसकी वजह से उनका चैक कैश (Check Cash) नहीं हो पाया ! जिसकी वजह से वह काफी उदास हुए और अपने घर की तरफ चल दिए !

जब वह अपने घर जा रहे थे तो उन्होंने रास्ते में एक चॉकलेट (Chocolate) निकालने वाली मशीन (Machine) देखी जिसमे से पैसे डालने पर चॉकलेट (Chocolate) बाहर निकलती थी !

यह सब देखते हुए वह आगे बढ़ गए और अपने घर की तरफ चल दिए ! जब वह अपने घर जाकर नहाने लगे तो नहाते वक्त उन्हें यह ख्याल आया कि जब एक मशीन (Machine) से चॉकलेट (Chocolate) बाहर निकल सकती है तो पैसे क्यों नहीं ?

जिससे की कोई भी व्यक्ति कभी भी और कहीं पर भी 24 घंटे पैसे निकाल सके ! वह भी तब जब उसे पैसों की जरूरत हो इससे उसे काफी सहूलियत हो जायेगी !

कहाँ लगाया गया पहला एटीएम :-

जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) ने 1960 में इस मशीन (Machine) के निर्माण के बारे में सोचा और दुनिया का पहला एटीएम (ATM) नार्थ लंदन (North London) के इंफिल टाउन (Infill Town) में 23 जून 1967 में बार्कलेज बैंक (Barclays Bank) द्वारा स्थापित किया गया !

क्यों रखा था चार अंकों का पिन :-

शुरू में जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) ने एटीएम (ATM) का पिन (Pin) छः अंको (Six Digit) का रखा था लेकिन उनकी पत्नी को छः अंकों (Six Digit) का नंबर याद रखने में परेशानी (Problem) होती थी !

जिसकी वजह से उन्होंने बाद में छः अंको (Six Digit) के पिन (Pin) को बदलकर चार अंकों (Four Digit) का कर दिया ! तब से लेकर आज तक चार अंकों (Four Digit) का एटीएम (ATM) पिन ही चलन में है !

क्यों नहीं कराया पेटेंट :-

एटीएम (ATM) बनाने वाले जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) ने कभी भी अपनी मशीन (Machine) का पेटेंट (Patent) नहीं कराया था क्योंकि वह अपनी टेक्नोलॉजी (Technology) को सीक्रेट (Secret) रखना चाहते थे !

यदि वह अपनी मशीन (Machine) का पेटेंट (Patent) कराते तो उन्हें अपने कोड सिस्टम (Code System) को पेटेंट एजेंसियों (Patent Agency) से साझा (Share) करना पड़ता इसी वजह से उन्होंने अपनी इस मशीन (Machine) का पेटेंट (Patent) न कराने का फैसला लिया !

उन्होंने अपने दिमाग और मेहनत के जरिये एटीएम (ATM) से लोगों का परिचय कराया था ! जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) को पूरी दुनिया में एटीएम (ATM) के पहले अविष्कारक (Inventor) के रूप में जाना जाता है !

कब हुई उनकी मृत्यु :-

उन्हें फादर ऑफ एटीएम (Father Of ATM) के नाम से भी जाना जाता है ! जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd Baron) का लंबी बिमारी की वजह से 23 जून 2010 को निधन हो गया !

उन्होंने स्कॉटलैंड (Scotland) के रैमोर हॉस्पिटल ( Raigmore Hospital ) में अंतिम सांसें ली ! जब उनकी मृत्यु हुई उस वक्त उनकी उम्र चौरासी (84) वर्ष थी !

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