अनोखा पक्षी

एक बहेलिया था! वह रोज जंगल में जाता और जाल लगाकर पक्षियों को पकड़ता! वह उन पक्षियों को बेचकर अपने परिवार का का पेट भरता था! एक दिन वह जंगल जाल लेकर पक्षियों को पकड़ने के लिए गया! वहां उसने एक अनोखे पक्षी देखा! उसे देखकर वह हैरान रह गया क्योंकि उस पक्षी का शरीर तो तोते जैसा था,लेकिन उसके चोंच की जगह पर एक छोटी-सी सूँड थी! उसने उस पक्षी को पकड़ने के बारे में सोचा और उसने पेड़ के नीचे जाल फैला दिया! वह वहीं छिपकर बैठ गया!

थोड़ी ही देर में पक्षी जाल में फंस गया! बहेलिए ने उसे जाल में से निकाल कर पिंजरे में बंद कर दिया! किन्तु वह पक्षी बहुत होशियार था,और वह बहेलिये से बोला-अगर तुम मुझे छोड़ दोगे तो मै तुम्हे पांच सोने के सिक्के दूंगा! पक्षी को बोलते देख बहेलिये की ख़ुशी का ठिकाना न रहा और वह बोला  तुम्हारे बदले तो मुझे बीस सोने के सिक्के यूँ ही मिल जाएंगे! पक्षी ने फिर कहा मै तुम्हे पच्चीस सोने के सिक्के दूंगा,लेकिन मुझे छोड़ दो! बहेलिया थोड़ी देर सोच कर बोला ,ठीक है मै तुम्हे छोड़ दूँगा लेकिन पहले पच्चीस सिक्के लूंगा!

तब पक्षी बोला ठीक है इस पेड़ पर मेरे कोटर में सोने के पच्चीस सिक्के रखे है जाकर ले लो! बहेलिया जल्दी से पेड़ पर चढ़ गया! उसने कोटर में हाथ डालने की कोशिश की लेकिन कोटर का मुँह छोटा होने की वजह से उसका हाथ अंदर न जा सका! वह बड़बड़ाता हुआ पेड़ से नीचे उतरा और पक्षी से बोला तुम्हारे कोटर में तो मेरा हाथ ही नहीं जाता!मै सिक्के कैसे निकालू ? पक्षी बोला तुम्हारे पास कुल्हाड़ी तो होगी ना उससे कोटर का मुँह छीलकर बड़ा कर लो! बहेलिया बोला मेरे पास कुल्हाड़ी नहीं है! पक्षी फिर बोला चाक़ू या छुरी तो होगी? बहेलिए ने निराश होकर कहा,मेरे पास वो भी नहीं है! पक्षी ने कहा फिर तो कुछ नहीं हो सकता और यह कहकर पक्षी चुप हो गया! बहेलिया कुछ देर सोच कर बोला एक काम हो सकता है! में तुम्हे पिंजरे से बाहर निकालकर कोटर के पास लेकर चलता हूँ, तुम सिक्के निकालकर मुझे दे देना! पक्षी बोला अगर सिक्के देने के बाद भी तुमने मुझे नहीं छोड़ा तो? बहेलिया भी अपने मन में यही सोच रहा था,की वह उससे सिक्के निकलवा कर उसे बेच देगा! लेकिन अब उसे पक्षी के बदले सोने के सिक्के ही मिल सकते थे!

वह कुछ देर सोच कर बोला ठीक है,मै पेड़ के नीचे खड़ा हो जाऊँगा तुम सिक्के नीचे गिरा देना! पक्षी बहेलिये की बात मान गया! बहेलिए ने पक्षी के पिंजरे का दरवाजा खोल दिया! पक्षी उड़कर पेड़ की सबसे ऊँची टहनी पर जाकर बैठ गया! पक्षी को ऊपर पेड़ पर बैठा देख बहेलिया चिल्लाया कोटर के अंदर जाओ और जल्दी से सिक्के फ़ेंक दो! ऊपर से पक्षी ने जवाब दिया किसका कोटर और कैसे सिक्के?मै तो यहां यह देखने आया था कि लालच क्या होता है,सो देख लिया! और यह कहकर वह आकाश में उड़ गया!

4 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *