Month: December 2017

नि: शुल्क फ़ोटो-वीडियो वेबसाइट

दोस्तो फोटोग्राफी हमेशा से ही डिज़ाइन का अभिन्न हिस्सा रहा है ।चाहे पर्सनल हो या कमर्शियल (commercial )(Free High Resolution images) हमें एक अच्छी फोटोग्राफ की आवश्यकता पड़ती है । जिसको हम अपने  काम मे प्रयोग कर सके, मगर दुर्भाग्यवश हम ऐसे ही किसी भी फ़ोटो का इस्तेमाल नही कर सकते है । उसके लिए

वरदान

किसी गाँव में एक बुढ़िया रहती थी! वह बहुत ही गरीब थी,और बहुत ज्यादा बीमार रहती थी! लेकिन फिर भी वह सुबह-शाम भगवान् की पूजा किया करती, और निस्वार्थ भाव से उनकी सेवा करती! उसकी इस भक्ति को देखकर भगवान् गणेश बहुत खुश हुए और उस बुढ़िया के सपने में आये उसके सपने में आकर

व्यक्तित्व में निखार

व्यक्तित्व क्या है-      ज्यादातर हम लोग किसी न किसी से ज्यादा प्रवाभित हो जाते है! लोगों की भीड़ में हमें ऐसा कोई व्यक्ति जरूर मिल जाता है, जो भीड़ में   अलग पहचान बनाने में उसकी मदद करता है,और लोगों की निगाहें उस पर टिक जाती है! घर आकर भी वह भुलाए नहीं भूलता,और आप

पंडित महावीर प्रसाद द्विवेदी

पंडित महावीर प्रसाद द्विवेदी (pandit mahaveer prasad dwivedi) जी का जन्म 9 मई,1864 को रायबरेली के दौलतपुर गांव में हुआ था! जो बिलकुल ग्रामीण क्षेत्र था! आर्थिक कठिनाइयों और उचित देख-रेख एवं मार्ग प्रदर्शन के अभाव में भी उन्होंने अपने बल पर जिस प्रकार अध्ययन और ज्ञान प्राप्त किया वह किसी आश्चर्य से कम नहीं कहा

अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस (15 दिसंबर)

इस पूरी दुनिया में पानी के बाद चाय को सबसे ज्यादा पिया जाता है! लगभग दो अरब लोग रोज़ाना इसे पीते है! चाय की पत्तियां केवल प्याली में ही रंग नहीं घोलती है, बल्कि इसे पीने वालों के मन को भी खुश रखती है! इसके बावजूद जो लोग चाय बागानों में काम करते है ,उनकी

अनोखा पक्षी

एक बहेलिया था! वह रोज जंगल में जाता और जाल लगाकर पक्षियों को पकड़ता! वह उन पक्षियों को बेचकर अपने परिवार का का पेट भरता था! एक दिन वह जंगल जाल लेकर पक्षियों को पकड़ने के लिए गया! वहां उसने एक अनोखे पक्षी देखा! उसे देखकर वह हैरान रह गया क्योंकि उस पक्षी का शरीर तो

Mehandi not only die

  कोई तीज-त्यौहार हो या नव-वधू का श्रृंगार मेहंदी (Mehandi) के बिना सब अधूरा है! देखा जाये तो अनादि काल से ही मेहंदी (Mehandi) का दर्जा हमें इतिहास से हासिल हुआ है! यह दर्जा शायद ही किसी और श्रृंगार विधा को हासिल हुआ हो! प्रत्येक रंग-मांगलिक कार्य में मेहंदी (Mehandi) शगुन का प्रतीक मानी जाती है! इन

महात्मा गांधी का डाक टिकट 4 करोड़ में बिका….

1948 में महात्मा गांधी पर 10 रूपए का डाक टिकट जारी किया गया था ! इसे उस वक़्त के गवर्नर जनरल के सचिवालय ने जारी किया था ! इनमें से अब सिर्फ 13 डाक टिकट ही चलन में है  | बेंगनी भूरे रंग के इन डाक टिकटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर है | इसके अलावा चार

आपको यह जानकर बहुत खुशी होगी कि…

आपको यह जानकर बहुत खुशी होगी कि (https://gkwebsite.com) को जल्दी ही हिंदी ब्लॉग में जारी किया जा रहा है ! आप सभी ने हिंदी को अपनी भाषा समृद्ध बनाने और इस साइट को हिंदी भाषा में बनाने की अपील की है, और हम इस योजना को पूरी तरह से सफल बनाने की कोशिश करते हैं।